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रिपोर्ट काजी रहमतुल्लाह बेवा चौराहा सिद्धार्थ नगर



जननी सुरक्षा योजना का सच------

आँखों देखी सामुदिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा चौराहा......
आज सुबह 8 बजे अब्दुल रज्जाक ने प्रसव कराने के लिए सामुदिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा चौराहा पर तैनात एम्बुलेंस लेने के लिए आते है नीच 2 एम्बुलेंस खड़ी होने पर लोगो से शुरुआती पूछ ताछ में पता चलता है की एम्बुलेंस चालक और संचालक अपने कमरे में ऊपर है, बताये गए के अनुसार अब्दुल रज्जाक फिर ऊपर एम्बुलेंस चालक और संचालक के कमरे तक जाते है और कमरे पर लगा ताला और उसपर 24xx7 सम्पर्क करे के साथ लिखे मोबाइल नंबर पर सम्पर्क करते है पहला नंबर लगाने पर पता चलता है की एम्बुलेंस चालक और संचालक आज छुट्टी पर है फिर दूसरा नंबर डायल करते पता चलता है की एम्बुलेंस चालक या संचालक विनोद तिवारी चौराहे पर सेविंग कराने गए है फिर अब्दुल रज्जाक अस्पताल के सामने स्थित दो नाई के दूकान पर जाकर विनोद तिवारी को ढूढते है परन्तु उनका कोई अता पता नहीं चला करीब एक घंटे बाद चालक या संचालक विनोद तिवारी प्रकट होते है तो प्रसव पीड़ित महिला की जरुरी जानकरी लेने के बाद मरीज़ ग्राम अरनी निवासी सनाउल्लाह की पत्नी को प्रसव कराने के लिए अरनी लेने जाते है मरीज़ को सामुदिक स्वस्थ केंद्र में भरती कराने के साथ ही एन एम् द्वारा प्रसव करने में इस्तेमाल करने वाले उपकरण के साथ ही जरुरी दवा और इंजेक्शन लिखी पर्ची पीड़ित महिला के पति सनाउल्लाह के हाथ में थमाते हुए कहती है की ये सामान बाहर से मेडिकल स्टोर से ले आईये सनाउल्लाह जाते है और बाहर से उक्त दवा और उपकरण खरीद कर लाकर अस्पताल कर्मियों को उपलब्ध कराते है...लगभग 2 घंटे बाद महिला ने लड़की को जन्म दिया उसके बाद शुरू हो जाती है लूट खसोट का कार्य अलग अलग एन एम् के साथ दाई अपना अपना पैसा मांगने लगती है कोई हजार कोई पांच सौ रूपये तक यहाँ तक जब हिन्दुस्तान संवाददाता दुवारा एन एम् रानी सिंह और दाई से पूछने पर भी कहा की ख़ुशी से सब यहाँ हजार पाच सौ देकर जाते है आप भी दीजिये इतना ही नहीं प्रसव पीड़ित महिला बिना आशा बहु के ही सामुदिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुचती है उसको पता ही नहीं की हमारे गाव की आशा बहु कौन है जानकारी करने पर पता चला की ग्राम अरनी की आशा बहु गौहनिया राज़ निवासी पुष्पा देवी है जो कभी अरनी गाव में नहीं जाती है इसके उपरांत जब और जानकारी लेने पर पता चला की यहाँ प्रसूता के देने वाले पौष्टिक आहार फल दूध अंडा नदारद है साथ ही डिब्बा बंद भोजन की भी कोई व्यवस्था नहीं दिखी जबकि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत निर्धारित मीनू के अनुसार दूध, अंडा, ब्रेड, फल, दोपहर में दाल, चावल, सब्जी, रोटी तथा रात में सब्जी, रोटी दी जानी चाहिए अस्पताल परिसर में प्रसव कराने आये कई बीमार दारो से पूछने पर पता चला की यहाँ सबसे प्रसव कराने के नाम पर पैसा लिया जा रहा है तथा यहाँ जोर शोर से धन उगाही का खेल चलता है जिसमे स्टाफ के हर कर्मचारी की कही न कही संलिप्तता है जननी सुरक्षा योजना अन्तर्गत सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को पौष्टिक भोजन दिए जाने का प्रावधान है। प्रसूताओं को सुबह दूध, नाश्ता, दोपहर में संतुलित आहार व शाम को भरपेट भोजन देने का प्रावधान है। सरकार प्रति थाल की दर से सौ रुपये प्रसूता पर खर्च कर रही है। जिनसे उन्हें बेहतर सेवा मुहैया हो, इसके लिए कई स्वयंसेवी संस्थाओं से करार भी हुआ। संस्था पर समय व मीनू के आधार पर प्रसूताओं को गर्म भोजन परोसने की जिम्मेदारी सौंपी गई एक तरफ जहा शासन की मंशा है कि इस योजना के माध्यम से संस्थागत प्रसव कराकर मातृ-शिशु मृत्यु दर कम किया जाए। तो वही दूसरी तरफ अस्पताल कर्मियों दुवारा अपनी जेब भरने के खातिर इस महत्वाकांक्षी योजना पर पानी फेर रहे है जिस कारण लोग सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने से इतर प्राइवेट नर्सिंग होम में प्रसव को बेहतर मानते है,  


प्रसूताओं को मिलने वाले भोजन का मीनू
सुबह - आधा लीटर दूध, मौसमी फल, अंडा
दोपहर - रोटी, दाल, चावल, मौसमी सब्जी
शाम - चाय, ब्रेड व अंडा
रात - रोटी, पराठा, 

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